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जौनपुर : विराट व अनुकरणीय व्यक्तित्व के धनी थे स्व. ठाकुर प्रसाद सिंह - डॉ रणजीत कुमार पाण्डेय


सुइथाकलां।
राजेश चौबे
तहलका 24x7
                     स्थानीय जी.एस.पी.जी. कालेज समोधपुर के संस्थापक प्रबंधक स्व. ठाकुर प्रसाद सिंह की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर महाविद्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए संकुल के वर्तमान प्रबन्धक व युवा समाजसेवी हृदय प्रसाद सिंह "रानू" ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर बृहद प्रकाश डालते हुए उन्हें महान् समाजसेवी और निष्काम कर्मयोगी बताया। उन्होंने कहा कि स्व. सिंह का पूरा जीवन क्षेत्र और क्षेत्र की जनता और विशेषकर शिक्षा के विकास के प्रति समर्पित रहा। उनके द्वारा प्रारम्भ किये गये विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाना और उसे और अधिक विस्तार देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।                
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पी जी कालेज समोधपुर के प्राचार्य डॉ रणजीत कुमार पाण्डेय ने स्व. प्रबन्धक जी को क्षेत्र का मालवीय, ज्ञानयोगी व ऋषि कहा। स्व. प्रबन्धक जी ने आज से लगभग 65 - 70 साल पहले क्षेत्र में ज्ञानयज्ञ की महत्ता को प्रतिष्ठित करते हुए हजारों घरों में ज्ञानदीप जलाकर उन घरों के चूल्हों को भी अग्नियुक्त किया। विराट व अनुकरणीय व्यक्तित्व के धनी स्व सिंह आज भी क्षेत्र की पहचान व पर्याय हैं। ज्ञानयज्ञ के माध्यम से पूरे प्रदेश में क्षेत्र व समोधपुर को एक विशिष्ट पहचान दिलाने वाले शिक्षाविद् व अप्रतिम जनप्रतिनिधि स्व सिंह के सपनों को साकार करने के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों व संस्था से प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से जुड़े  लोगों द्वारा पूर्ण निष्ठा, समर्पण व ईमानदारी से अपने -अपने कर्तव्यों का निर्वहन व यथासम्भव सहयोग ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व प्राचार्य मोतीलाल गुप्ता ने स्व. सिंह   को बहुआयामी व्यक्तित्व का स्वामी बताया जो व्यक्तित्व के सम्पूर्ण विकास के लिए शिक्षा को अनिवार्य मानते थे। सभा को सम्बोधित करते हुए अंग्रेजी के एसो. प्रो डॉ रमेश चन्द्र सिंह ने कहा कि स्व. प्रबन्धक जी को शिक्षा की शक्ति में अटूट श्रद्धा थी। वह विद्या को मानव-मुक्ति का साधन मानते थे। वह शिक्षा द्वारा हृदय, बुद्धि और शरीर की सारी शक्तियों का सम्यक् रुप से विकसित करने के प्रबल पक्षधर थे।

इस अवसर पर डॉ राकेश यादव, अरबिन्द सिंह, डॉ लक्ष्मण सिंह, डॉ पंकज सिंह, डॉ नीलमणि सिंह, बिन्द प्रताप, अखिलेश सिंह ने भी अपने - अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से डॉ अवधेश मिश्रा व डॉ अविनाश वर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ लालमणि प्रजापति, डॉ अजित यादव, डॉ उदय प्रताप, डॉ इन्द्र बहादुर, डॉ नीलू सिंह, डॉ अरुण शुक्ला, डॉ संदीप सिंह, राजेश कुमार, रत्नेश कुमार, राहुल कुमार, प्रीतेश,पंकज, ध्रुव कुमार, गंगा प्रसाद, राजेश, श्री नाथ, शिवमंगल आदि  उपस्थित रहे। 

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रवि शंकर.
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